Monday, May 28, 2012

ख्वाब

आँखों में आज जो ख्वाब हैं
होठों पे आज  वो राग है
सच जो हुए सपने मेरे
जहाँ मेरा रंगीन है
मिल ही गई मंजिल मेरी
बाँहों में है जन्नत तेरी
ओ साजना, ओ मेरे सजना

खिल सी गयी जिंदगी की कली
गुजर गए वो लम्हात भी
सच जो हुए सपने मेरे
मिल ही गई मंजिल मेरी
होंठों पे आज गीत मेरे
आँखों में हैं ख्वाब तेरे

जाने ये कब हो गया
तेरा ही नशा अब छा गया
बाहों में तेरी जन्नत मिली
दिल में तेरे जो मंजिल मिली
सच जो हुए सपने मेरे
खिल सी गयी जिंदगी की कली

आँखों मैं आज सपने तेरे
बाहों में तेरी मंजिल मेरी||

1 comment:

Rebellion said...

aankhon mein sapne liye hum ghar se chal to diye
.....ab jaaenge kahan wala kissa lage mhane to